रोडवेज़ कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

खबरें अभी तक। हरियाणा रोडवेज़ कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने राज्य परिवहन महानिदेशक के वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को निकालने के तुगलकी फरमान के विरोध में कांग्रेस, बसपा, आम आदमी पार्टी, सीपीआईएम के प्रदेश अध्यक्षों को ज्ञापन सौंपा। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महानिदेशक द्वारा जारी पत्र को वापिस नहीं लिया तो रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। वही रोड़वेज कर्मचारी हड़ताल पर सफाई कर्मचारियों के पक्ष में आ गए। उन्होंने कहा अगर सरकार ने सफाई कर्मचारियों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्यवाही कि तो भी आदोंलन करेंगे।

सरकार ने दादरी डिपो में कर्मशाला के 52 कर्मचारियों को आऊट सोर्सिग पार्ट द्वितीय से पार्ट प्रथम में बदलने का फरमान जारी किया और अब वर्ष 2016 में लगे चालकों को विभाग से बाहर करने का प्रयास कर रही है, जिससे रोडवेज कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी नेताओं ने कहना है कि सरकार के इस तुगली फरमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय के विरोध में 12 मई को सिरसा में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर को, 16 मई को रोहतक में आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद व सीपीआईएम के महासचिव सुरेन्द्र मलिक को, 19 मई को सीपीआई के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप को पानीपत व बसपा के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती को जगाधरी में ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी सरकार ने स्वीकृत समझौते के तहत परिपत्र जारी नहीं किया तो तीन जून को मतलौडा में परिवहन मंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभागीय मांगों को लेकर कई बार परिवहन मंत्री के साथ बैठके हो चुकी है। जिनमें 1992 से 2002 तक भर्ती चालक व परिचालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, कर्मशाला स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, एक माह के वेतन के बराबर बोनस देने, जोखिम भत्ता देने, वंचित कर्मचारियों को सीटीसी का लाभ देने आदि मांगों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अभी तक सरकार ने स्वीकृत समझौते के तहत परिपत्र जारी नहीं किया है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि अगर सरकार ने अपने तुगलकी फरमान को वापिस नहीं लिया और समझौते के तहत स्वीकृत मांगों का परित्र शीघ्र जारी नहीं किया तो रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे।

 

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