पुलिस की हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

खबरें अभी तक। हाइवे पर कोहण्ड के पास उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक पर संभल जिले के गांव शाहपुर से एक नाबालिग को बहला फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज था। यूपी पुलिस चंडीगढ़ से युवक व नाबालिग युवती को काबू में कर उत्तर प्रदेश वापिस ले जा रही थी। घरौंडा पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मृत्तक के भाई ने यूपी पुलिस पर साजिशन हत्या करने का आरोप लगाया है।  घरौंडा पुलिस ने मृतक युवक के परिजनों के ब्यान पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

यूपी के संभल जिला के तुमरिया घाट से बीती छह जुलाई को धर्मबीर साथ के गांव की एक नाबालिग युवती को बहला फुसलाकर भगा ले गया था। युवती के परिजनों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंगलवार की रात उत्तर प्रदेश के जिला संभल के थाना रजपुरा थाने में तैनात एसआई रामपाल सिंह, सिपाही मो. अबरार, जयबीर व महिला सिपाही लक्की रानी बुलेरो गाड़ी में तुमरिया घाट निवासी धर्मबीर व नाबालिग लड़की को काबू कर उत्तर प्रदेश वापिस जा रहे थे कि कोहण्ड के पास आरोपी युवक धर्मबीर ने लघुशंका के लिए कहा। पुलिस ने साइड में गाड़ी रोककर युवक को अकेले ही खुले खेतों में लघुशंका के लिए भेज दिया। इसी दौरान गलत साइड से एक कार आई और युवक को कुचल कर फरार हो गई।  लहुलूहान अवस्था में घरौंडा अस्पताल में लाया गया। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत्त घोषित कर दिया। मृत्तक के परिजनों ने युवक की साजिशन हत्या का आरोप लगाया है। घरौंडा पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है और कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले की जांच कर रहे एएसआई चंदन सिंह ने बताया कि लघुशंका करने के बाद आरोपी धर्मबीर जब सड़क क्रॉस कर रहा था तो गलत दिशा में आ रही स्विफ्ट कार ने युवक को टक्कर मारी और युवक घायल हो गया। दुर्घटना के बाद कार चालक कार सहित मौके से फरार हो गया। कार चालक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर कार की तलाश शुरू कर दी गई है। चंदन सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों को लेकर मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस कस्टडी में युवक की मौत होने से यूपी पुलिस पर सवालों के घेरे में है। पुलिस के चार जवान होने के बावजूद आरोपी युवक को अकेले लघुशंका के लिए क्यों जाने दिया गया? सवाल यह भी उठता है कि आरोपी को लघुशंका के लिए जाना था तो यूपी पुलिस ने हाइवे पर बने पैट्रोल पम्प या होटल ढाबों की सहायता क्यों नही ली? प्रथम दृष्टि जांच के दौरान सामने आया कि पुलिस गाड़ी में बैठी रही और आरोपी को खुले में लघुशंका के लिए जाने दिया गया। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस पर अपने आप में कई सवाल खड़े हो जाते है।

 

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