CBI के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा पर नीरव मोदी और माल्या की मदद के लगे आरोप

ख़बरें अभी तक। CBI के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा की परेशानी जल्द खत्म होने का नाम नहीं लेने वाली हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CBC) ने उनके खिलाफ 6 आरोपों को लेकर जांच शुरू कर दी है। जिसमें बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले आरोपी नीरव मोदी, विजय माल्या और एयरसेल के पूर्व प्रमोटर सी शिवशंकरन के खिलाफ जारी हुए लुक आउट सर्कुलर के आंतरिक ईमेल को लीक करने का आरोप भी शामिल है।

वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने नीरव मोदी के मामले में सीबीआई के कुछ आंतरिक ईमेलों के लीक होने पर आरोपी को ढूंढने की बजाय मामले को छिपाने की कोशिश की। उन्होंने ऐसा तब किया जब सबसे बड़े बैंक घोटाले की जांच चरम पर थी। एजेंसी ने जून 2018 में संयुक्त निदेशक राजीव सिंह के कमरे को लॉक कर दिया था। इसके अलावा उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT) को बुलाया था ताकि उनके पास मौजूद डाटा को प्राप्त किया जा सके। हालांकि इस कार्य के पीछे की वजह कभी नहीं बताई गई।

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