दिल्ली- फिर प्रदूषण की चपेट में एनसीआर की हवा

ख़बरें अभी तक:दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर गंभीर प्रदूषण की चपेट में आ गया गई है।। इस हफ्ते की शुरुआत में लोगों को प्रदूषित हवा से थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन शुक्रवार से स्थिति बिगड़नी शुरू हो गई है। शनिवार को दिल्ली का एक्यूआई 423 दर्ज किया गया। शनिवार को नोएडा सबसे प्रदूषित शहर रहा। दिल्ली की हवा में लगातार खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) की बढ़ोतरी दर्ज हो रही है। पीएम 2.5 जहां प्रदूषण का आपात स्तर पर है, वहीं पीएम 10 गंभीर श्रेणी में है।

मौसम विभाग ने रविवार तक हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों का कहना है कि यदि बारिश हुई तो प्रदूषण के स्तर में गिरावट संभव है। केंद्रीय प्रदूषण निगरानी कक्ष के मुताबिक, शनिवार शाम सात बजे पीएम 2.5 का स्तर 309 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर 466 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का आपात स्तर 300 और पीएम 10 का आपात स्तर 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है।पीएम 2.5 के कण बढ़ने का आशय यह होता है कि वाहनों से प्रदूषण बढ़ा है।

यदि इनमें से कोई प्रदूषण कण लगातार 48 घंटे तक आपात स्तर में बने रहते हैं, तो ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत सम-विषम समेत कई प्रतिबंध लगाने जैसे निर्णय दिल्ली में लिए जा सकते हैं। हालांकि, अभी बारिश और मौसम में बदलाव से ही प्रदूषण की स्थिति संभलने का कयास लगाया जा रहा है।सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक, शनिवार को सतह पर चलने वाली हवा की गति काफी मंद रही। सतह पर हवा की गति 2.1 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, जबकि प्रदूषण कणों को बिखरने वाली हवा की गति कम से कम 4 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। इसकी वजह से सतह से बहुत कम ऊंचाई पर ही प्रदूषण कण जमा हैं। बारिश होने की स्थिति बन रही है, ऐसे में नमी भी वातावरण में बढ़ गई है। दिल्ली में बुधवार और बृहस्पतिवार को इस वर्ष का अब तक का सबसे कम प्रदूषण रिकॉर्ड किया गया था।

दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई
शहर       एक्यूआई 
दिल्ली    423
गाजियाबाद 437
नोएडा 441
ग्रेटर नोएडा 425
फरीदाबाद  417

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